अध्याय 144

"मेरी मदद करो... प्लीज़ मदद करो..." लिली के होंठ बेकाबू काँप रहे थे।

उसने सुना तो था कि डॉ. क्यू एक्यूपंक्चर के उस्ताद हैं, लेकिन उसने बात टाल दी थी—चंद चाँदी की सुइयाँ आख़िर कितनी ख़तरनाक हो सकती हैं? यह दावा कि डॉ. क्यू के बिना प्रयोग आगे ही नहीं बढ़ सकता, उसे हमेशा बेतुका लगता था।

अब उसे यक़ीन ...

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